
सुन बे खजूर वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा ।
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु।
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा।
हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
इरादे मेरे हमेशा साफ़ होते हैं.. इसलिये कई लोग मेरे खिलाफ होते हैं..
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
सुन बे खजूर वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा।
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु।
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा।
हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
इरादे मेरे हमेशा साफ़ होते हैं.. इसलिये कई लोग मेरे खिलाफ होते हैं..
आँख से गिरे आसू और नज़रो से गिरे लोग.. कभी नहीं उठा करते..
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से.. जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे..!
जो उड़ने का शोंक रखते है, वो गिरने का खौफ नहीं रखते..
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दुसरो को डुबाके मुझे तैरना नहीं है |
फैसले सबके होंगे हुज़ूर , बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये।
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
मेरे होने का असर तुम पर ..मेरे ना होने के बाद दिखेगा ..!!
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी…!!
कौन कब किसका और कितना अपना है ..यह सिर्फ वक़्त बताता है।
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
ये जो हालात है मेरे एक दिन सुधर जाएगे मगर काफी लोग मेरे दिल से उतर जाएगे.
शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ.. जिस भीड़ में तुम खड़े हो.. उसमे कौन तुम्हारा है..
पैसा “हैसियत” बदल सकता है, “औकात” नहीं.
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है ना किस्मत मुझे जीतने दे रही है ना मैं हार मान रहा हूँ.
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
सिगरेट मत बनो की इस्तेमाल के बाद पैरो तले मसल दिए जाओ | नशा बनो की तुम्हे इस्तेमाल करने वाला तबाह हो जाये |
मुँह पर सच बोलने की आदत है इसलिए मै बहुत बत्तमीज हूँ.
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है.. वो किसी और की परछाई बनने मे कहा..!
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.।
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया , घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो।
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं।
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे।
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ , राख के नीचे आग दबी होती है ..
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .
किसी ने क्या खूब लिखा है , मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं
समेट लो इन नाज़ुक पलों को नजाने ये लम्हा कल हो न हो , हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन पलों में हम हो न हो
अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं।