
|लॉकडाउन के चलते 80 के दशक के कई टीवी सीरियल का प्रसारण एक बार फिर दूरदर्शन पर किया जा रहा है। इनमें निर्देशक रामानंद सागर का टीवी सीरियल ‘रामायण’ भी शामिल है। अपने पहले प्रसारण के दौरान ‘रामायण’ ने इतिहास रचा था। जहां एक ओर दर्शक ‘रामायण’ के री-टेलीकास्ट से बेहद खुश हैं, वहीं अब दूसरी तरफ इसके कैरेक्टर्स को लेकर ट्विटर पर एक नई बहस छिड़ गई है। ये बहस किसी और चीज को लेकर नहीं, बल्कि ‘रामायण’ के महिला किरदारों को लेकर चल रही है। आइए जानते हैं पूरा मामला…
दरअसल, बुधवार को सुबह प्रसारित हुए एपिसोड में श्री राम, सीता और लक्ष्मण राजमहल छोड़कर वनवास के लिए निकल पड़े हैं। वहीं श्री राम के वनवास के पीछे लोग कैकेयी और मंथरा को असली विलेन बता रहे हैं। बता दें कि पिछले कुछ घंटों में ये दोनों ही किरदार ट्विटर पर जमकर ट्रेंड भी हुए। इन किरदारों को लेकर किसी का मानना है कि उन्हें सही से नहीं दिखाया गया है तो किसी का मानना है कि स्टोरी लाइन के मुताबिक महिला सशक्तिकरण को खूबसूरती से दिखाया गया है।

एक यूजर ट्विटर पर लिखता है, ‘हम 7000 साल पहले भी इतने प्रगतिशील थे। सीता बेहद बुद्धिमान और योद्धा थीं। कैकेयी सिर्फ योद्धा ही नहीं थीं, बल्कि वह देवासुर संग्राम में राजा दशरथ की सारथी भी थीं, जो एक आसान काम नहीं था। असली महिला सशक्तिकरण।’
कई लोगों ने कैकेयी और मंथरा को लकर नेगेटिव कमेंट भी किए हैं। उनका ये कहना है कि अगर वह श्री राम को इतना प्यार करती थीं तो अचानक ही उनका प्यार कहां चला गया जो उन्हें वनवास भेज दिया।

बता दें कि रामायण में कैकेयी का किरदार जानी-मानी एक्ट्रेस पद्मा खन्ना ने निभाया था, जबकि मंथरा के रोल में हिंदी सिनेमा की दिग्गज कलाकार ललिता पवार थीं।